इस्लाम धर्म में क्या होता है तलाक-ए-हसन का मतलब जानिए इसका रहस्य
इस्लाम धर्म में तलाक(Divorce)कई तरीको से दिया जाता है
इस्लाम धर्म में तलाक-ए-हसन तलाक की एक प्रथा होती है
तलाक-ए-हसन तीन तलाक से बिलकुल अलग होता है
तलाक का मतलब वैवाहिक शादी तोड़ना होता है
तलाक-ए-हसन में शौहर बीवी को तलाक तभी दे सकता है जब उसका मासिक धर्म न चल रहा हो
इसमें इधत की अवधि खत्म होने से पहले तलाक वापस लिया जा सकता है
इधत एक अवधी होती है जिसमे तलाकसुदा औरत किसी और पुरुष से शादी नही कर सकती है
तलाक-ए-हसन में शौहर को तीन महीने में बीवी को तीन बार तलाक देना पड़ता है